कल फिर एक बलात्कार की खबर को कवर करने के लिए शहर से पच्चीस किलोमीटर दूर चिरौली नामक एक गाँव में जाना पडेगा- यह सोच कर ही मन काँप उठता है / चिरौली गाँव जाने का रास्ता बहुत ही दुर्गम हैं / कोई गाड़ी या बस उस गाँव तक नहीं जाती/ कच्चे रास्तों से होकर उस गाँव तक पहुचने का एकमात्र साधन साइकिल ही हैं / नहीं तो पैदल चलना छोड़कर कोई उपाय नहीं / लेकिन जब प्रोड्यूसर साहब का आदेश है तो जाना ही पडेगा / रात के दस बज रहे है और खाने के मेज पर भोजन भी परोस दिए गए हैं / लेकिन फिर भी मैं कल सुबह निकलने की तैयारी पूरी कर ले रहा हूँ /
मंगलवार, 17 दिसंबर 2013
बलात्कार
कल फिर एक बलात्कार की खबर को कवर करने के लिए शहर से पच्चीस किलोमीटर दूर चिरौली नामक एक गाँव में जाना पडेगा- यह सोच कर ही मन काँप उठता है / चिरौली गाँव जाने का रास्ता बहुत ही दुर्गम हैं / कोई गाड़ी या बस उस गाँव तक नहीं जाती/ कच्चे रास्तों से होकर उस गाँव तक पहुचने का एकमात्र साधन साइकिल ही हैं / नहीं तो पैदल चलना छोड़कर कोई उपाय नहीं / लेकिन जब प्रोड्यूसर साहब का आदेश है तो जाना ही पडेगा / रात के दस बज रहे है और खाने के मेज पर भोजन भी परोस दिए गए हैं / लेकिन फिर भी मैं कल सुबह निकलने की तैयारी पूरी कर ले रहा हूँ /
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